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Thursday, December 4, 2014

संघर्ष--

कई बार गिना बिल्लू ने , लेकिन कुल ६५ रुपये ही थे उसके पास | बेटे की असमय मौत ने उसे तोड़ दिया था , और एक बार फिर वो वापस प्लेटफार्म पर आ गया था | ढलती उम्र ,पोती के इलाज़ और चार जनों का पेट भरने के लिए पैसे की सख़्त जरुरत थी और बस इतनी सी कमाई , कुछ सोच नहीं पा रहा था वो |
न जाने कितनी देर यूँ ही सर झुकाये बैठा रहा बिल्लू , ट्रेनें गुजरती रहीं पटरियों से और ग़ुम होती रहीं सन्नाटे में |
फिर उसने मन को कड़ा किया और दूसरे प्लेटफार्म की ओर चलने की तैयारी करने लगा | उद्घोषणा जारी थी " यात्रीगण कृपया ध्यान दें , प्लेटफार्म न. ४ पर आने वाली ट्रेन अब प्लेटफार्म न. ६ पर आएगी "|

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