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Wednesday, October 4, 2023

असर- लघुकथा

 आज बहुत दिनों बाद कमल को दिन भर बढ़िया सवारी मिली थी, उसे याद ही नहीं था कि पिछली बार कब उसे इतना पैसा मिला था. हाथ में आये पैसे को उसने तीन बार गिना तब जाकर उसे यक़ीन हुआ कि सचमुच उसके हाथ में इतना पैसा है. वैसे जबसे बैटरी वाला ऑटो आया है, लोग उसी से ज्यादा सफर करते हैं, सस्ता जो पड़ता है. आज तो अपनी महीनो पुरानी हसरत को वह पूरी करेगा, अंग्रेजी वाली पियेगा, कितने दिनों से बस देसी का पौआ ही ले पा रहा था. एक बार घर के लिए भी कुछ लेने का ख्याल दिल में आया लेकिन उसने झटक दिया कि कल देखेंगे. उसने ऑटो को मालिक के यहाँ खड़ा किया और बाहर निकला. 

बाजार में आते ही एक टी वी के दुकान के सामने भीड़ दिखी तो उसे लगा कि वही क्रिकेट आ रहा होगा. वैसे भी उसकी जिंदगी में इन चीजों के लिए कोई जगह नहीं थी. बस कभी कभी बीवी और तीन बच्चों को लेकर बाजार आ जाता था ताकि उनको कुछ दिला सके, लेकिन अक्सर खाली हाथ ही लौटना पड़ता था. वह एक बार दुकान के सामने रुका और उसने पूछ लिया "क्या हो गया, क्रिकेट आ रहा है का".

एक आदमी ने जवाब दिया "तुमको पता नहीं है, आज हमारा चंद्रयान चन्द्रमा पर पहुँच गया है".

उसने थोड़े गौर से टी वी को देखा, लोग खूब खुश होकर कुछ बात कर रहे थे. फिर एक तस्वीर दिखी जिसमें बहुत सी महिलाएं थीं. वहीं खड़े लोग बता रहे थे कि ये महिलायें वैज्ञानिक है जिन्होंने चंद्रयान के लिए काम किया है. उसे अपने स्कूल की याद आयी जहाँ उसने सूर्य, चन्द्रमा और ग्रहों के बारे में सुना था.

वह वहां से आगे बढ़ा, अंग्रेजी वाली दुकान थोड़ी दूर पर थी और वह उधर ही जा रहा था. अचानक उसकी नजर एक किताब कॉपी की दुकान पर पड़ी जहाँ उसके बेटी की उम्र की कुछ लड़कियाँ कुछ खरीद रही थीं. उसे याद आया कि पत्नी सुबह बेटी के लिए किताब लेने के लिए कह रही थी. थोड़ी देर वह वहीं खड़ा रहा, एक बार उसने अंग्रेजी वाली दुकान की तरफ देखा, फिर उसके कदम किताब की दुकान की तरफ बढ़ गए. 

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