आईये आईये वर्माजी , धन्यभाग्य हमारे | कम से कम आपने समय तो निकाला यहाँ पधारने का | हमारा जन्मदिन खास हो गया आज | मेजबान दोहरे हुए जा रहे थे स्वागत में | वर्माजी के पीछे पीछे एक आदमी बड़ा सा गिफ्ट का डिब्बा लेकर आया और रख कर चला गया |
किनारे खड़े उनके पुराने मित्र सोच में पड़ गए कि हम जब आये थे तब स्वागत फीका सा था , लेकिन अब तो बात ही कुछ और है | उनकी परेशानी देखकर दूसरे सज्जन ने समझाया " अमाँ , नाहक परेशान क्यों होते हो | ये स्वागत वर्माजी का नहीं था बल्कि उस बड़े डब्बे का था जो उनके साथ आया था "| अब अंतर समझ में आ गया था और वो नास्ते की तरफ बढ़ गए |
किनारे खड़े उनके पुराने मित्र सोच में पड़ गए कि हम जब आये थे तब स्वागत फीका सा था , लेकिन अब तो बात ही कुछ और है | उनकी परेशानी देखकर दूसरे सज्जन ने समझाया " अमाँ , नाहक परेशान क्यों होते हो | ये स्वागत वर्माजी का नहीं था बल्कि उस बड़े डब्बे का था जो उनके साथ आया था "| अब अंतर समझ में आ गया था और वो नास्ते की तरफ बढ़ गए |
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