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Saturday, April 26, 2014

कल

कल 
जिंदगी के कई रंग हैं अनदेखे से ,
आज में जीते हुए मैंने महसूस किये ,
धुआं , नमी , आँसू और उड़े हुए रंग चेहरों के ,
ग़म हैं , खुशियाँ हैं और जीने की अदम्य चाहत ,
ये सब है आज में , लेकिन फिर भी कुछ कमी सी है ,
शायद वो कल में है , कल जो आना अभी बाक़ी है |

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