उसने एक बार लौटाए हुए पैसे देखे, फिर डब्बे पर छपा हुआ मूल्य देखा. पिछली बार जब लिया था, तब भी यही मूल्य अंकित था और दुकानदार ने उतना ही पैसे लिए थे. फिर इस बार उसने छपी कीमत से कम क्यों लिए जबकि चारो तरफ से कालाबाजारी की ख़बरें आ रही हैं. दरअसल वह भी मानसिक रूप से तैयार होकर ही आया था कि दुकानदार आज ज्यादा पैसे लेगा.
उसको
असमंजस में खड़ा देखकर दुकानदार समझ गया और बोला "भैया दूसरे जिले में रहने
वाले अपने चाचा को इसी कालाबाजारी के चलते मैंने खोया है, उसे ज्यादा दाम देने पर भी दवा नहीं मिली थी.
अब मैं ज्यादा कुछ तो नहीं कर सकता लेकिन उसके गुनाह की थोड़ी भरपाई तो कर ही सकता
हूँ".
गाड़ी
में बैठते समय उसने अपने ड्राइवर को देखा, खिचड़ी
बाल और बढ़ी हुई दाढ़ी के चलते वह काफी उम्रदराज लग रहा था. उसने फोन से कुछ रुपये
उसके खाते में डाल दिया और एक मैसेज भी भेज दिया "अपने बच्चों के लिए कुछ
खरीद लेना और दाढ़ी वाढ़ी बना लिया करो".
No comments:
Post a Comment