" कबसे कह रही हूँ , बच्चों की फीस भरनी है और आप कान ही नहीं देते हो उसपर" |
" जल्दी ही कुछ इंतज़ाम करता हूँ , तुम चिंता मत करो "| कहने को तो कह दिया उसने लेकिन क्या करे , सब तरफ से कोशिश कर चुका था | इसी उधेड़बुन में वो घर से निकल पड़ा |
रात को वापस आया तो उसका चेहरा चुगली कर रहा था , और पत्नी ने भी कुछ नहीं पूछा |
सुबह जब उसने प्रश्नवाचक निगाह से पत्नी की अंगुली की तरफ देखा , तो पत्नी बोली " शिक्षा से बड़ा गहना और क्या हो सकता है , फिर बन जायेगा ये "|
" जल्दी ही कुछ इंतज़ाम करता हूँ , तुम चिंता मत करो "| कहने को तो कह दिया उसने लेकिन क्या करे , सब तरफ से कोशिश कर चुका था | इसी उधेड़बुन में वो घर से निकल पड़ा |
रात को वापस आया तो उसका चेहरा चुगली कर रहा था , और पत्नी ने भी कुछ नहीं पूछा |
सुबह जब उसने प्रश्नवाचक निगाह से पत्नी की अंगुली की तरफ देखा , तो पत्नी बोली " शिक्षा से बड़ा गहना और क्या हो सकता है , फिर बन जायेगा ये "|
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