पूरे घर में तनाव का माहौल था, पिछले दस दिन से घर का कोई भी व्यक्ति अपने आप को उस घटना से उबार नहीं पाया था. ड्राइंग रूम में रौशनी के माता पिता और एक पुलिस अफसर गंभीरता से बैठे हुए सोच विचार कर रहे थे. घर के अंदर रौशनी एक कमरे में बदहवास हालत में पड़ी हुई थी और उसका भाई जिसे अंदर ही रहने की ताकीद की गयी थी, वह भी दूसरे कमरे में उदास बैठा था.
कुछ ही देर में वह लड़का ड्राइंग रूम में आया जिसका इंतज़ार सभी लोग कर रहे थे. उसके पीछे पीछे उसके पिता भी थे और दोनों के चेहरे उड़े हुए थे. कमरे में घुसते ही सबने उनपर निगाह डाली और दोनों पास के सोफे पर चुपचाप बैठ गए.
"तो क्या सोचा है तुम लोगों ने", पुलिस अफसर ने कड़कती आवाज़ में पूछा.
लड़के ने डरते हुए अपनी निगाह उठायी और बोला "सर मैं अपनी गलती स्वीकार करता हूँ और रोशनी से शादी करने के लिए तैयार हूँ".
उसके पिता ने भी सहमति में अपना सर हिलाया. पुलिस अफसर ने रोशनी के पिता की तरफ देखा और उनको समझाने के लहजे में बोला "मुझे लगता है आपको इसकी बात मान लेनी चाहिए, आखिर आज दस दिन बाद यह वापस तो आ गया है, वर्ना इसे हम कहाँ कहाँ ढूंढते. और इसके शादी कर लेने से लड़की और आपके परिवार की प्रतिष्ठा भी बच जाएगी".
रोशनी के माता पिता को भी इससे बेहतर कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था. पिछले दस दिनों में उन लोगों ने समाज का वह रूप भी देख लिया था जिसकी वह कभी कल्पना भी नहीं कर सकते थे.
'ठीक है, अगर यह अपनी गलती सुधारने के लिए तैयार है तो हमें भी कोई आपत्ति नहीं है. बस एक बार रौशनी को भी पूछ लेते हैं, फिर आगे बात करते हैं", रौशनी के पिता ने मद्धम आवाज में कहा. रौशनी की माँ अंदर जाकर रौशनी को बुला लायी और सबके सामने उससे भी पूछा गया "बेटा रौशनी, इस लड़के ने अपनी गलती मान ली है और तुम लोग एक दूसरे को पहले से जानते भी हो. अब यह शादी के लिए कह रहा है तो तुम भी हाँ कर दो, सारी चीजों पर पर्दा पड़ जाएगा और समाज में भी कोई दिक्कत नहीं होगी".
रौशनी ने अपना सर उठाया और गुस्से से कांपते हुए लड़के के मुंह पर थूक दिया. फिर चीखते हुए बोली "इस हैवान को माफ़ करके इसके साथ शादी कर लूँ, इसपर भरोसा करके ही उस पार्टी में गयी थी और इसने मेरी इज़्ज़त को तार तार करने में एक बार भी नहीं सोचा. ऐसे गलीज़ और हैवान लोगों के लिए माफ़ी जैसा शब्द होना ही नहीं चाहिए. मेरे एफ आई आर के आधार पर इसे गिरफ्तार कीजिये, इसको इसकी नीचता का परिणाम भुगतना ही होगा".
ड्राइंग रूम में मौजूद हर व्यक्ति अवाक था, रौशनी उठकर वहां से जा चुकी थी.
कुछ ही देर में वह लड़का ड्राइंग रूम में आया जिसका इंतज़ार सभी लोग कर रहे थे. उसके पीछे पीछे उसके पिता भी थे और दोनों के चेहरे उड़े हुए थे. कमरे में घुसते ही सबने उनपर निगाह डाली और दोनों पास के सोफे पर चुपचाप बैठ गए.
"तो क्या सोचा है तुम लोगों ने", पुलिस अफसर ने कड़कती आवाज़ में पूछा.
लड़के ने डरते हुए अपनी निगाह उठायी और बोला "सर मैं अपनी गलती स्वीकार करता हूँ और रोशनी से शादी करने के लिए तैयार हूँ".
उसके पिता ने भी सहमति में अपना सर हिलाया. पुलिस अफसर ने रोशनी के पिता की तरफ देखा और उनको समझाने के लहजे में बोला "मुझे लगता है आपको इसकी बात मान लेनी चाहिए, आखिर आज दस दिन बाद यह वापस तो आ गया है, वर्ना इसे हम कहाँ कहाँ ढूंढते. और इसके शादी कर लेने से लड़की और आपके परिवार की प्रतिष्ठा भी बच जाएगी".
रोशनी के माता पिता को भी इससे बेहतर कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था. पिछले दस दिनों में उन लोगों ने समाज का वह रूप भी देख लिया था जिसकी वह कभी कल्पना भी नहीं कर सकते थे.
'ठीक है, अगर यह अपनी गलती सुधारने के लिए तैयार है तो हमें भी कोई आपत्ति नहीं है. बस एक बार रौशनी को भी पूछ लेते हैं, फिर आगे बात करते हैं", रौशनी के पिता ने मद्धम आवाज में कहा. रौशनी की माँ अंदर जाकर रौशनी को बुला लायी और सबके सामने उससे भी पूछा गया "बेटा रौशनी, इस लड़के ने अपनी गलती मान ली है और तुम लोग एक दूसरे को पहले से जानते भी हो. अब यह शादी के लिए कह रहा है तो तुम भी हाँ कर दो, सारी चीजों पर पर्दा पड़ जाएगा और समाज में भी कोई दिक्कत नहीं होगी".
रौशनी ने अपना सर उठाया और गुस्से से कांपते हुए लड़के के मुंह पर थूक दिया. फिर चीखते हुए बोली "इस हैवान को माफ़ करके इसके साथ शादी कर लूँ, इसपर भरोसा करके ही उस पार्टी में गयी थी और इसने मेरी इज़्ज़त को तार तार करने में एक बार भी नहीं सोचा. ऐसे गलीज़ और हैवान लोगों के लिए माफ़ी जैसा शब्द होना ही नहीं चाहिए. मेरे एफ आई आर के आधार पर इसे गिरफ्तार कीजिये, इसको इसकी नीचता का परिणाम भुगतना ही होगा".
ड्राइंग रूम में मौजूद हर व्यक्ति अवाक था, रौशनी उठकर वहां से जा चुकी थी.
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