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Monday, April 20, 2015

सपनों का जहाँ--

" मम्मी , आप भी आओ ना , हमारे साथ देखो अन्तरिक्ष को , कितने प्यारे प्यारे सितारे हैं वहां ", बेटी की पुकार पर उसने बाहर देखा । 
बेटी को अपने पिता के साथ अन्तरिक्ष निहारते देख उसकी आँखें भर आयीं । 
काश उसे भी ये मौका मिला होता तो शायद वो भी अपने सपनों का जहाँ बसा सकती थी । उसने दृढ निस्चय कर लिया कि बेटी को उसके सपनों का जहाँ दिला के ही रहेगी , किसी भी हाल में ।

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