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Tuesday, April 14, 2015

फ़र्ज़--

" काश , बस एक बार मौका मिल जाता , एक गोली दुश्मन के सीने के पार , फिर चाहे खुद शहीद हो जाऊँ " । 
ये कई बार सुन चुका था साथी जवान , उसने बड़े प्यार से पूछा " अच्छा ये बता , तूँ यहाँ क्यूँ खड़ा है । इसीलिए ना कि तुम्हारे देश पर कोई आँच न आये , कि दूर कहीं हमारे बीबी बच्चे चैन की नींद सो सकें "। 
" इसीलिए तो कह रहा हूँ कि काश " 
बीच में ही बात काटते हुए साथी जवान ने फिर कहा " सामने जो सैनिक खड़ा है , वो भी तो इसीलिए खड़ा है कि उसका देश सुरक्षित रहे , उसके देशवासी चैन की नींद सोएं । अब ये बता कि देश की सुरक्षा के लिए क्या जरुरी है कि हम ख़ून ही बहाएं "।
" देश की सुरक्षा इसमें है की हम यहाँ मुस्तैदी से अपना फ़र्ज़ निभाएं । हमारी जिंदगी देश के लिए ज्यादा जरुरी है "।
रात ढलने लगी थी , जवान अब पूरी मुस्तैदी से अपना कर्तव्य निभा रहा था , दूर कहीं उसके अपने परिवार के लोग चैन की नींद सो रहे थे ।

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