अब वो सफलता की बुलंदियों पर था , उसकी पहली ही फिल्म जबरदस्त हिट हो गयी थी | सामने खुला आसमान था जिसमे उसकी मंज़िल उसे दिख रही थी | सभी बधाईयां दे रहे थे उसको , फोटोग्राफर्स अपने फ़्लैश चमका रहे थे | कल तक जो लोग उसको मिलने का समय भी नहीं देते थे , वो आज साइनिंग अमाउंट लेकर घेरे हुए थे |
वहीँ किनारे खड़ी वो सोच रही थी कि जब तक इसे मेरी जरुरत थी तो मुझे सीढ़ी की तरह इस्तेमाल किया | उसने बड़ी मुश्किल से अपने पिता को तैयार किया था इसको मौका देने के लिए | और आज उसकी अहमियत घाँस की तरह हो गयी थी |
वहीँ किनारे खड़ी वो सोच रही थी कि जब तक इसे मेरी जरुरत थी तो मुझे सीढ़ी की तरह इस्तेमाल किया | उसने बड़ी मुश्किल से अपने पिता को तैयार किया था इसको मौका देने के लिए | और आज उसकी अहमियत घाँस की तरह हो गयी थी |
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