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Tuesday, March 10, 2015

आतंकवाद--

" पुलिस को बताया तो पूरा खानदान उड़ा देंगे | सवाल अपनी आज़ादी का है , कल आ जाना , कैंप में चलना है "| फोन उसके हाँथ से छूट कर गिर गया , पूरा शरीर पसीने से नहा उठा | अब कहाँ जाये , किसको बताये , आगे कुआँ , पीछे खायी |
शाम को दरवाजे पर खटखटाहट हुई , उसने उठ कर दरवाज़ा खोला | सामने सिपाही खड़ा था , बोला " थाने में बुलाया है अभी , तुरंत चलो "| उसके कदम जैसे उठ ही नहीं रहे थे , लेकिन क़दमों को घसीटते हुए जाना पड़ा |
लौटते समय एक धमाका हुआ , एक और नौजवान आतंकवाद की भेंट चढ़ गया |    

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