अब उसका दर्द बर्दाश्त की हद पार कर चुका था | डाक्टरों ने भी जवाब दे दिया था इतनी भयानक दुर्घटना के बाद | लेकिन पत्नी हर पल परछाईं की तरह उसके आस पास मौजूद रहती थी |
उसकी आँख खुली तो उसने देखा कि वो बेड के पास कुर्सी पर सो रही थी | हल्की सी आहट पाते ही वो जग गयी |
" अगर मुझे जाना ही है तो जाने क्यों नहीं देती , क्यों यमराज से लड़ रही हो " उसने फीकी मुस्कान के साथ कहा |
" मैं तुम्हारी ही तरह खुदगर्ज़ हूँ न ", और आंसुओं को रोकते हुए उसने मुंह घुमा लिया |
उसकी आँख खुली तो उसने देखा कि वो बेड के पास कुर्सी पर सो रही थी | हल्की सी आहट पाते ही वो जग गयी |
" अगर मुझे जाना ही है तो जाने क्यों नहीं देती , क्यों यमराज से लड़ रही हो " उसने फीकी मुस्कान के साथ कहा |
" मैं तुम्हारी ही तरह खुदगर्ज़ हूँ न ", और आंसुओं को रोकते हुए उसने मुंह घुमा लिया |
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