" क्या बात है ठाकुर साहब , आज आप हमारी बस्ती में ?
सवाल सुनकर तो एक बार अचकचाए लेकिन संभलते हुए बोले " दुनियाँ कहाँ से कहाँ पहुँच गयी , अब ये ऊँच नीच की दीवार हमें गिरानी होगी भाई "| वहां मौजूद सभी खामोश हो गए , कुछ तो वाह वाह कर बैठे |
उनके चेहरे पर मुस्कान फ़ैल गयी , लेकिन हरिया मन ही मन किसी हादसे की आशंका से काँप गया | अब उसकी बेटी भी जवान हो रही थी |
सवाल सुनकर तो एक बार अचकचाए लेकिन संभलते हुए बोले " दुनियाँ कहाँ से कहाँ पहुँच गयी , अब ये ऊँच नीच की दीवार हमें गिरानी होगी भाई "| वहां मौजूद सभी खामोश हो गए , कुछ तो वाह वाह कर बैठे |
उनके चेहरे पर मुस्कान फ़ैल गयी , लेकिन हरिया मन ही मन किसी हादसे की आशंका से काँप गया | अब उसकी बेटी भी जवान हो रही थी |
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