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Sunday, March 22, 2015

औलाद--

भूख से बिलबिलाते अपने बच्चों का चेहरा बार बार उसके सामने आ जाता था | आज उसने सोच लिया था कि चाहे कुछ भी करना पड़ जाए , वो उनके खाने का इंतज़ाम करके ही लौटेगा | लेकिन जहाँ भी काम के लिए उसने हाँथ फैलाया , उसे दुत्कार ही मिला |
रात हो गयी थी और वो थके क़दमों से वापस लौट रहा था | अचानक उसकी नज़र पड़ी सड़क के किनारे झगड़ते कुत्तों पर | बगल में कोई पार्टी चल रही थी और बचा हुआ जूठा भोजन बाहर फेंका जा रहा था |
उसके बच्चे आज भरपेट भोजन पा गए , लेकिन वो इंसान से कुत्ता बन गया था | 

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