अचानक उसने गाड़ी रुकवा दी और उतर गया| सड़क के किनारे खड़ा वो एकटक उस बुजुर्ग को देख रहा था और मंजुल उसे|
" इनको पहचानते हो मंजुल ", उसने भारी आवाज़ में पूछा|
दिमाग पर बहुत जोर डालने के बाद भी मंजुल को कुछ याद नहीं आया और उसने अनभिञता में सर हिला दिया| साथ ही साथ उसे आश्चर्य भी हो रहा था की वो इतने साल विदेश में रहकर भी इस भिखारीनुमा व्यक्ति को किस तरह पहचान रहा है|
" शायद इसी वजह से खेल में इस देश की दुर्दशा हो रही है, ये कोई सामान्य व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि हॉकी के विश्व प्रसिद्द खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलम्पिक में भी इस देश का प्रतिनिधित्व किया था| कैसे कोई देश अपने राष्ट्रीय खेल में गौरव लाने वाले किसी खिलाड़ी को इस हाल में छोड़ सकता है "?
मंजुल एक गहरी सोच और शर्म में डूब गया, कहीं न कहीं वो भी जिम्मेदार था इस हालत का, और उधर वो उन बुजुर्ग के पास बैठकर उनसे बात कर रहा था| फिर मंजुल भी उन दोनों की तरफ बढ़ा और उन्होंने बुजुर्ग को अपनी गाड़ी में बिठाया और शहर में स्थित ओल्ड ऐज होम की तरफ चल पड़े|
" इनको पहचानते हो मंजुल ", उसने भारी आवाज़ में पूछा|
दिमाग पर बहुत जोर डालने के बाद भी मंजुल को कुछ याद नहीं आया और उसने अनभिञता में सर हिला दिया| साथ ही साथ उसे आश्चर्य भी हो रहा था की वो इतने साल विदेश में रहकर भी इस भिखारीनुमा व्यक्ति को किस तरह पहचान रहा है|
" शायद इसी वजह से खेल में इस देश की दुर्दशा हो रही है, ये कोई सामान्य व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि हॉकी के विश्व प्रसिद्द खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलम्पिक में भी इस देश का प्रतिनिधित्व किया था| कैसे कोई देश अपने राष्ट्रीय खेल में गौरव लाने वाले किसी खिलाड़ी को इस हाल में छोड़ सकता है "?
मंजुल एक गहरी सोच और शर्म में डूब गया, कहीं न कहीं वो भी जिम्मेदार था इस हालत का, और उधर वो उन बुजुर्ग के पास बैठकर उनसे बात कर रहा था| फिर मंजुल भी उन दोनों की तरफ बढ़ा और उन्होंने बुजुर्ग को अपनी गाड़ी में बिठाया और शहर में स्थित ओल्ड ऐज होम की तरफ चल पड़े|
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