"जल्दी खोलो टेलीविजन, कुछ बड़ा हादसा हुआ है, शायद अपने कुछ जवानों के मारे जाने की खबर है", उसने बैठक में घुसते हुए कहा| उसके सेक्रेटरी ने जल्दी से टी वी खोला और उस समय फ़्लैश हो रही ब्रेकिंग न्यूज़ में बस कैम्प पर हुए हमले की ही खबर आ रही थी| उसने जल्दी जल्दी कई चैनल बदले, सब जगह बस यही खबर चल रही थी|
वहां बैठे सभी लोगों के चेहरे पर जैसे दर्द बरस रहा था, धीरे धीरे हमले में हताहत जवानों के नाम भी आने लगे थे| जैसे जैसे नाम आते जा रहे थे, सबकी ऑंखें भीग रही थीं| अब उन जवानों के बारे में भी खबर आने लगी थी कि कौन किस जिले या गाँव का है और कौन किस जाति या संप्रदाय का|
लगभग एक घंटे बीत गए, अब सभी हताहत जवानों के नाम पूरे हो चुके थे| हर व्यक्ति गुस्से और दुःख से एकदम भरा हुआ था और उन आततायियों को कोस रहा था जिन्होंने ये कायराना हमला किया था| इतने वो सोफे से उठा और रिमोट पटककर बाहर निकल गया, सेक्रेटरी भी पीछे पीछे बाहर आया| अभी सेक्रेटरी उससे कुछ कहता कि उसकी आवाज़ सुनाई दी "इतने जवानों में कोई भी अपने जिले का नहीं है| काश होता तो थोड़े से प्रयास और झूठी हमदर्दी से कितने वोट पक्के हो गए होते आने वाले चुनाव में"|
वहां बैठे सभी लोगों के चेहरे पर जैसे दर्द बरस रहा था, धीरे धीरे हमले में हताहत जवानों के नाम भी आने लगे थे| जैसे जैसे नाम आते जा रहे थे, सबकी ऑंखें भीग रही थीं| अब उन जवानों के बारे में भी खबर आने लगी थी कि कौन किस जिले या गाँव का है और कौन किस जाति या संप्रदाय का|
लगभग एक घंटे बीत गए, अब सभी हताहत जवानों के नाम पूरे हो चुके थे| हर व्यक्ति गुस्से और दुःख से एकदम भरा हुआ था और उन आततायियों को कोस रहा था जिन्होंने ये कायराना हमला किया था| इतने वो सोफे से उठा और रिमोट पटककर बाहर निकल गया, सेक्रेटरी भी पीछे पीछे बाहर आया| अभी सेक्रेटरी उससे कुछ कहता कि उसकी आवाज़ सुनाई दी "इतने जवानों में कोई भी अपने जिले का नहीं है| काश होता तो थोड़े से प्रयास और झूठी हमदर्दी से कितने वोट पक्के हो गए होते आने वाले चुनाव में"|
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