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Saturday, January 17, 2015

सृष्टि--

ब्रह्मा नारद से " हे नारद , वो पृथ्वी पर एक बालक हाथ में झाड़ू लेकर क्या कर रहा है ?
नारद " प्रभु , वो सड़क से अन्न के दाने बीन रहा है "|
" लेकिन उसे सड़क पर से दाने बीनने की क्या आवश्यकता पड़ गयी ?"
" प्रभु , पेट भरने के लिए धरती वासियों को बहुत कुछ करना पड़ता है "|
" वो तो ठीक है लेकिन हमने तो पृथ्वीवासियों को भरपूर अन्न दिया है , फिर इस बालक को सड़क से क्यों बीनना पड़ रहा है "|
" प्रभु , दिया तो है आपने लेकिन वो अन्न जमाखोरों के गोदाम में पड़ा रहता है और इस बालक जैसे अनेक गरीब मनुष्यों को नहीं उपलब्ध होता वो "|
ब्रह्माजी सोच में पड़ गए , क्या उन्होंने ऐसे ही इंसानों की सृष्टि की थी !

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