" मेरे पिता मरे नहीं हैं , शहीद हुए हैं | मुझे गर्व है उनपर और उनकी बेटी होने पर "| आँखों से आंसुओं की बारिश हो रही थी लेकिन चेहरे पर वही दृढ़ता थी | याद आ रही थी कुछ ही दिनों पहले की बात जब पिता छुट्टी पर घर आये हुए थे और मैंने उनसे पूछा था " आपको इस दुनियां में सबसे ज्यादा कौन प्रिय है " और उनका जवाब था " अपनी माँ , भारत माँ "| फिर मेरे उतरे चेहरे को देखकर बोले " अरे तुम तो मेरी जान हो बेटे , लेकिन माँ तो सबसे प्यारी होती है , है ना " और मेरे चेहरे पर पर मुस्कराहट आ गयी |
जिस दिन वापस जाना था , मुझसे कहने लगे कि मैं तो भारत माँ की हिफाज़त के लिए जा रहा हूँ , तुम अपनी माँ की हिफाज़त करना | एक दिन फोन पर मुझसे कहने लगे कि अब ये शरीर अगर माँ के काम आ जाये तो दुखी मत होना | उन्हें इसका पूर्वाभाष हो गया था , शायद माँ की रक्षा करने वाले हर बहादुर सिपाही को इसका आभाष रहता है |
गोलिओं की आवाज आ रही थी , सेना अपने वीर जवान को आखिरी सलामी दे रही थी और मेरा भारत माँ की रक्षा करने का ज़ज्बा और मजबूत हो रहा था |
जिस दिन वापस जाना था , मुझसे कहने लगे कि मैं तो भारत माँ की हिफाज़त के लिए जा रहा हूँ , तुम अपनी माँ की हिफाज़त करना | एक दिन फोन पर मुझसे कहने लगे कि अब ये शरीर अगर माँ के काम आ जाये तो दुखी मत होना | उन्हें इसका पूर्वाभाष हो गया था , शायद माँ की रक्षा करने वाले हर बहादुर सिपाही को इसका आभाष रहता है |
गोलिओं की आवाज आ रही थी , सेना अपने वीर जवान को आखिरी सलामी दे रही थी और मेरा भारत माँ की रक्षा करने का ज़ज्बा और मजबूत हो रहा था |
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