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Monday, February 16, 2015

सज़ा--

" बाई , कल से काम पर मत आना "|
" लेकिन मेमसाब , मैंने तो कुछ नहीं किया "|
कहना तो चाहती थी " हाँ , तुमने तो कुछ नहीं किया लेकिन साहब को तो नहीं कह सकती मैं ", लेकिन जुबाँ ने साथ नहीं दिया |
बाई हिकारत से देखती हुई चली गयी , उसके अंदर कुछ दरक सा गया |

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