आज पत्नी ने देख लिया था बेटी को उस दलित लड़के के साथ बाजार में | घर आने पर उसने आसमान सर पर उठा लिया | एक बारगी तो वो भी विचलित हो गए लेकिन फिर उनको अपना समय याद आ गया , सिर्फ लड़की की जाति ही तो नीची थी |
अब वक़्त ने शायद उनके अपने घाव को भरने का एक मौका दे दिया था |
अब वक़्त ने शायद उनके अपने घाव को भरने का एक मौका दे दिया था |
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