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Wednesday, May 13, 2015

भविष्य--

कितना कुछ सहा था उसने अपने जीवन में , अब बस एक ही जिद थी कि अपने बच्चे को शिक्षा की रोशनी से वंचित नहीं रखेगी |
आज लालटेन की मद्धम रोशनी उसे एहसास दिला रही थी कि अँधेरा कितना भी घना क्यूँ न हो , रोशनी की एक किरण ही काफी होती है उसे दूर करने के लिए | अब वो उस रोशनी में अपने बच्चे का उज्जवल भविष्य देख रही थी |

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