किसी भी कीमत पर नीचा दिखाना था अपने राजनैतिक प्रतिद्वंदी को , जो उससे बहुत आगे बढ़ गया था | फिर उसके दिमाग में ये ख्याल आया कि क्यों न उसको ब्लैकमेल किया जाये | बस वो चला गया उस औरत के पास और अपनी योजना बतायी , साथ में ढेरो पैसो का प्रलोभन भी | लेकिन जवाब सुनकर स्तब्ध रह गया ' मज़बूरी में हम लोग शरीर बेचते हैं साहब , जमीर नहीं " |
No comments:
Post a Comment