Translate

Sunday, February 16, 2014

जीवनदान--

"पागल हो गए हैं आप , आप का दिमाग तो नहीं फिर गया है | आपने भी तो अपील की थी पेपर में , कौन आया था आपके बेटे को किडनी देने" | पत्नी चिल्ला रही थी और पेपर उसके हाथ से छीनने की कोशिश कर रही थी | आज पेपर में एक अपील छपी थी कि किसी नौजवान की किडनी ख़राब हो गयी थी और उसे किडनी ट्रांसप्लांट की जरुरत थी | उसने तय कर लिया था की अगर उसकी किडनी उस नौजवान के किडनी से मैच हो गयी तो वो जरुर अपनी एक किडनी डोनेट करेगा | अपने बेटे को तो वो दोनों चाह कर भी डोनेट नहीं कर पाये थे क्योंकि उनकी किडनी मैच ही नहीं हुई थी | फिर उसने पत्नी को सम्भाला और कहा " हमारे बेटे के समय भी कोई और इसी तरह डोनेट करना चाह रहा होगा लेकिन उसके घर वालों ने मना कर दिया होगा | अगर उसने अपने घर वालों की बात नहीं सुनी होती तो शायद हमारा बेटा आज जिन्दा होता "| इसलिए आज मुझे मत रोको और किसी और बेटे की जिंदगी बचा लेने दो | इतना कह कर वह जाने लगा और जाते हुए उसे अपनी आँखों में अपने बेटे का हँसता हुआ चेहरा नजर आ रहा था | 

No comments:

Post a Comment