दादी ने सब सुन लिया था कि दीपिका किससे बात कर रही है | अब वो सोच में पड़ गयी कि कैसे समझाए दीपिका को , वो तो कुछ दिन की मेहमान हैं , जिंदगी तो बच्ची की पूरी पड़ी है | उन्होंने उसके सर पे हाँथ फेरते हुए प्यार से पूछा " बेटा ये बता कि मैं कितने दिन जीने वाली हूँ , आखिर तुम्हे तो अपनी जिंदगी बितानी है न | तो मेरे लिए इस तरह अगर तू लड़कों को दुत्कारते रहेगी तो शायद मैं चिंता और दुःख में समय से पहले ही चली जाउंगी | चल मुझसे एक वादा कर कि अब और किसी से तू इस तरह का वर्ताव नहीं करेगी |
दीपिका ने हाँ में सर हिलाते हुए दादी कि गोद में सर छुपा लिया और दादी भी उसे प्यार से सहलाती रहीं | ये अलग बात थी कि उसके इरादे नहीं बदले थे |
दीपिका ने हाँ में सर हिलाते हुए दादी कि गोद में सर छुपा लिया और दादी भी उसे प्यार से सहलाती रहीं | ये अलग बात थी कि उसके इरादे नहीं बदले थे |
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