इतनी कम उम्र और कंधे पर छोटे भाई का बोझ , लेकिन चेहरे पर शिकन तक नहीं ।
क्या लड़कियाँ बड़ी ही पैदा होती हैं ??
क्या माँ बनने के लिए किसी को पैदा करना जरुरी है ??
क्या अपने बच्चे या छोटे भाई / बहन का पेट भरने के लिए बड़ा होना जरुरी है ??
क्या संवेदना सिर्फ बच्चों / मजलूमों में ही बची है ??
क्या पैसा पास होने से दूसरों के दुःख दर्द समझने की क्षमता कम हो जाती है ??
क्या किसी ऐसे समाज की कल्पना की जा सकती है जहाँ भेदभाव , जुल्म या गरीबी न हो ??
हम सब मिलकर ऐसे समाज का निर्माण करें , आईये ये संकल्प लें !!!
क्या लड़कियाँ बड़ी ही पैदा होती हैं ??
क्या माँ बनने के लिए किसी को पैदा करना जरुरी है ??
क्या अपने बच्चे या छोटे भाई / बहन का पेट भरने के लिए बड़ा होना जरुरी है ??
क्या संवेदना सिर्फ बच्चों / मजलूमों में ही बची है ??
क्या पैसा पास होने से दूसरों के दुःख दर्द समझने की क्षमता कम हो जाती है ??
क्या किसी ऐसे समाज की कल्पना की जा सकती है जहाँ भेदभाव , जुल्म या गरीबी न हो ??
हम सब मिलकर ऐसे समाज का निर्माण करें , आईये ये संकल्प लें !!!
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