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Tuesday, July 1, 2014

टीचर

आज ये महसूस हो रहा था कि जिंदगी उतनी आसान नहीं होती , जितना हम सोचते हैं | पढ़ते समय जब ये भी नहीं सोचा था कि आगे चल कर क्या बनना है तो बहुत सारे रास्ते दिखते थे , लेकिन जैसे जैसे समय गुजरता गया वैसे वैसे जिंदगी एक संकरी सुरंग लगने लगी | अपने एक टीचर का कहा अब समझ में आ रहा था कि समय सबसे कीमती चीज होती है , इसकी इज्जत करो | 
इस बार आखिरी मौका था सिविल सर्विसेज का एग्जाम देने का और ये भी निकल गया | अब तो कोई रास्ता ही नज़र नहीं आ रहा था , क्या करें , किधर जाएँ | हर एग्जाम के लिए उम्र निकल चुकी थी |
अचानक उम्मीद कि किरण दिखी , याद आया कि टीचर तो बन सकते हैं अभी | उसके लिए तो उम्र है ,और आखिर उसी मोड़ पे आ गए जहाँ जाने के नाम पे सबकी हंसी उड़ाते थे | घर वालो कि उम्मीद और खुद कि नज़रों में अपनी इज्जत बचाने के लिए थके कदमो से बीएड का फॉर्म भरने चल दिए |

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