तड़ाक , थप्पड़ बड़े जोर का था और साहब की उतनी ही तीखी आवाज़ " खाने में फिर बाल , दिखाई नहीं देता तुमको "|
बाई भी सहम गयी और सोचने लगी कि कल तो मेमसाब कह रहीं थीं कि कैसा मर्द है तुम्हारा , तुमको पी कर पीटता है , और साहब ने तो आज पी भी नहीं है |
बाई भी सहम गयी और सोचने लगी कि कल तो मेमसाब कह रहीं थीं कि कैसा मर्द है तुम्हारा , तुमको पी कर पीटता है , और साहब ने तो आज पी भी नहीं है |
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