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Saturday, October 18, 2014

प्रगति--

हर साल की तरह इस साल भी दिवाली पर बूढी अम्मा दिए लेकर सड़क के किनारे बैठ गयी | 
पर इस साल उनका एक भी दिया नही बिका | 
वो मायूस होकर बोली " अगले साल से हम दिया नाही बेचब , अब जमाना बदल गइल हौ , लोगन के पास इतना समय नाही हौ ई दिया के जलावे खातिर "
अंजू सिंह..

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