" फिर मत आना घर पर , जब देखो तब चले आते हैं " |
अब क्या करे , दफ्तर में तो साहब से बात कर ही नहीं सकते , कैसे करे बच्चे का इलाज़ ?
गेट से बाहर निकला तो नज़र पड़ी , वहाँ तख्ती लटक रही थी " कुत्तों से सावधान " |
अब क्या करे , दफ्तर में तो साहब से बात कर ही नहीं सकते , कैसे करे बच्चे का इलाज़ ?
गेट से बाहर निकला तो नज़र पड़ी , वहाँ तख्ती लटक रही थी " कुत्तों से सावधान " |
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