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Thursday, October 9, 2014

विकास--

रमुआ सब तरफ चकर पकर देख रहा था , खूब बिजली बत्ती चमक रही थी , उसकी आँख चौंधिया जा रही थी | 
" बाबू , बड़ा सुन्दर जगह है ई तो , एतना नीक नीक दुकान है , केतना साफ़ हौ इ जगह , हमरा गांव कब अइसन होइ "|
" बचवा , ई माल के चमक क कीमत त केहु के चुकावे के पड़ी न " |

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