"सरकती जाये है रुख से नक़ाब , आहिस्ता आहिस्ता" | जगजीत सिंह की ये ग़ज़ल कमरे में बज रही थी और मैं पुरसुकून अपनी अलग दुनिया में खोया हुआ था | रात के ११ बज रहे थे और कमरे में अँधेरा , बजती हुई ग़ज़ल से सामंजस्य बैठाने में कामयाब हो गया था |
अचानक दरवाजे पर आहट हुई और रूम पार्टनर कमरे में घुसा | क्या यार , जब देखो तब सिर्फ ग़ज़लों को सुनते हो , कहते हुए उसने बल्ब जला दिया | बल्ब की रौशनी ने एकदम से वापस हक़ीक़त की दुनिया में पहुँचा दिया मुझे |
कब तुम अपनी कल्पना की आभासी दुनिया से बाहर निकलोगे भाई , पार्टनर मुझे समझाने की कोशिश कर रहा था | जिंदगी की कठोर सच्चाईयों का सामना करो और जिंदगी को भरपूर जियो | सुनना ही है तो रॉक सुनो , पॉप म्यूजिक सुनो , ये क्या की हर समय अँधेरे में ग़ज़लों को सुनते रहते हो |
अब मैं पूरी तरह से जमीनी दुनिया में था | फिर मैंने उससे पूछा कि तुम ये पॉप और रॉक म्यूजिक क्यों सुनते हो | उसने तुरंत जवाब दिया " यार , जिंदगी में मस्ती बहुत जरुरी है और इन्हे सुनकर मजा आ जाता है | गाने सुनो , झूमो और इस लाइफ को पूरी तरह से एन्जॉय करो "| मैंने फिर पूछा " सुकून भी मिलता है तुमको इस संगीत को सुनकर " , उसके पास कोई जवाब नहीं था |
मुझे सुकून मिलता है ग़ज़लों को सुनकर , और मेरे लिए जिंदगी में सुकून के बहुत मायने हैं | इन्हे सुनने का मतलब ये नहीं है कि मैं जिंदगी की तल्ख़ हक़ीक़त से भागने की कोशिश कर रहा हूँ , बल्कि ये मुझे जिंदगी को और संजीदगी से जीने को प्रेरित करती हैं | और मैंने बल्ब बुझाकर फिर से ग़ज़ल सुनना शुरू कर दिया |
अचानक दरवाजे पर आहट हुई और रूम पार्टनर कमरे में घुसा | क्या यार , जब देखो तब सिर्फ ग़ज़लों को सुनते हो , कहते हुए उसने बल्ब जला दिया | बल्ब की रौशनी ने एकदम से वापस हक़ीक़त की दुनिया में पहुँचा दिया मुझे |
कब तुम अपनी कल्पना की आभासी दुनिया से बाहर निकलोगे भाई , पार्टनर मुझे समझाने की कोशिश कर रहा था | जिंदगी की कठोर सच्चाईयों का सामना करो और जिंदगी को भरपूर जियो | सुनना ही है तो रॉक सुनो , पॉप म्यूजिक सुनो , ये क्या की हर समय अँधेरे में ग़ज़लों को सुनते रहते हो |
अब मैं पूरी तरह से जमीनी दुनिया में था | फिर मैंने उससे पूछा कि तुम ये पॉप और रॉक म्यूजिक क्यों सुनते हो | उसने तुरंत जवाब दिया " यार , जिंदगी में मस्ती बहुत जरुरी है और इन्हे सुनकर मजा आ जाता है | गाने सुनो , झूमो और इस लाइफ को पूरी तरह से एन्जॉय करो "| मैंने फिर पूछा " सुकून भी मिलता है तुमको इस संगीत को सुनकर " , उसके पास कोई जवाब नहीं था |
मुझे सुकून मिलता है ग़ज़लों को सुनकर , और मेरे लिए जिंदगी में सुकून के बहुत मायने हैं | इन्हे सुनने का मतलब ये नहीं है कि मैं जिंदगी की तल्ख़ हक़ीक़त से भागने की कोशिश कर रहा हूँ , बल्कि ये मुझे जिंदगी को और संजीदगी से जीने को प्रेरित करती हैं | और मैंने बल्ब बुझाकर फिर से ग़ज़ल सुनना शुरू कर दिया |
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