आसमान काले काले बादलों से भर गया था | जग्गू के प्रसन्नता का पारावार नहीं था , उसकी नज़र में अपने छोटे से खेत के टुकड़े में धान की फसल पैदा होती दिख रही थी | इस बार अगर धान की पैदावार ठीक हो गयी तो पत्नी के लिए नयी साड़ी वो लेकर रहेगा | भागता हुआ घर आया और उसने पत्नी को ख़ुशी से अंक में भर लिया |
पत्नी , जो थोड़ी ही देर पहले बादलों को देखकर अपना छप्पर देख रही थी कि अगर ज्यादा बारिश हो गयी तो ये फिर टपकने लगेगा | उसे घर में रखे अनाज़ को सुरक्षित रखने की चिंता तो थी पर अब शायद नया छप्पर लग जाये , सोचकर वो भी जग्गू की ख़ुशी में शामिल हो गयी |
पत्नी , जो थोड़ी ही देर पहले बादलों को देखकर अपना छप्पर देख रही थी कि अगर ज्यादा बारिश हो गयी तो ये फिर टपकने लगेगा | उसे घर में रखे अनाज़ को सुरक्षित रखने की चिंता तो थी पर अब शायद नया छप्पर लग जाये , सोचकर वो भी जग्गू की ख़ुशी में शामिल हो गयी |
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