आज रमेश के कदम मानों उसका साथ ही नहीं दे रहे थे , इस तरह फँस जायेगा वो , उसने सोचा भी नहीं था । अचानक बच्चे ने हाँथ खींचा तो उसकी तन्द्रा भंग हुई और वो बेमन से उसके सवालों का जवाब देने लगा ।
कुछ ही महीने पहले उसके सहकर्मी की मौत हुई थी और वो उसके घर आने लगा था । शुरू में तो सहानुभूति हुई लेकिन बाद में उसकी सुन्दर पत्नी से बातचीत में आनन्द आने लगा उसको । बढ़िया समय बीत जाता था उसका और लोगों की निगाह में इज़्ज़त भी बढ़ गयी थी । लेकिन आज जब उसके घर के बाहर पहुंचा था तभी उसके कानों में पड़ी इस आवाज़ ने " लड़का अच्छा है और हमारी बहू को पसंद भी करता है , क्यों न उससे शादी की बात चलायें ", उसके होश उड़ा दिए ।
अब वही बच्चा , जिसके साथ कभी बात करना और घूमना बहुत अच्छा लगता था , अब उसे बोझ लगने लगा था ।
कुछ ही महीने पहले उसके सहकर्मी की मौत हुई थी और वो उसके घर आने लगा था । शुरू में तो सहानुभूति हुई लेकिन बाद में उसकी सुन्दर पत्नी से बातचीत में आनन्द आने लगा उसको । बढ़िया समय बीत जाता था उसका और लोगों की निगाह में इज़्ज़त भी बढ़ गयी थी । लेकिन आज जब उसके घर के बाहर पहुंचा था तभी उसके कानों में पड़ी इस आवाज़ ने " लड़का अच्छा है और हमारी बहू को पसंद भी करता है , क्यों न उससे शादी की बात चलायें ", उसके होश उड़ा दिए ।
अब वही बच्चा , जिसके साथ कभी बात करना और घूमना बहुत अच्छा लगता था , अब उसे बोझ लगने लगा था ।
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