" सॉरी , मैंने देखा नहीं आपको , उठा देता हूँ मैं किताबें ", और वो झुक कर किताबें उठाने लगा ।
" पता नहीं कहाँ से ये अंधे आ जाते हैं , रहने दो । फ़िल्में मैं भी देखती हूँ , बहुत पुरानी चाल है ये "। उसने किताबें उठाई और एक हिक़ारत की नज़र उसपर डालती हुई चली गयी ।
अचानक उसकी निगाह वहाँ गिरे हुए लाइब्रेरी कार्ड पर पड़ी । एक बार तो उसने सोचा कि जा कर उसे वापस कर दे, फिर उसे फिल्मों का ख्याल आ गया ।
अब वो लाइब्रेरी कार्ड डस्टबिन की शोभा बढ़ा रहा था । एक प्रेम का अँकुर फूटते फूटते रह गया ।
" पता नहीं कहाँ से ये अंधे आ जाते हैं , रहने दो । फ़िल्में मैं भी देखती हूँ , बहुत पुरानी चाल है ये "। उसने किताबें उठाई और एक हिक़ारत की नज़र उसपर डालती हुई चली गयी ।
अचानक उसकी निगाह वहाँ गिरे हुए लाइब्रेरी कार्ड पर पड़ी । एक बार तो उसने सोचा कि जा कर उसे वापस कर दे, फिर उसे फिल्मों का ख्याल आ गया ।
अब वो लाइब्रेरी कार्ड डस्टबिन की शोभा बढ़ा रहा था । एक प्रेम का अँकुर फूटते फूटते रह गया ।
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