" साहब, तीन महीने हो गए, अभी तक़ कुछ पता नहीं चला, अब तो फाँकों की नौबत आ गयी है "।
" समय तो लगता ही है, पेपर बड़े साहब के पास गया है "।
" पिछली बार बड़े साहब ने कहा था कि आपको आने की जरुरत नहीं है, आपके पति देश के लिए शहीद हुए थे "।
" तो आपको सरकार पेंशन तो देगी ही न, लेकिन थोड़ा हम लोगों का भी ध्यान ?"
" ध्यान तो रखना ही है ", उसने जलती नज़र से बाबू को देखा और वापस चल दी। बाबू की हँसी उसका बहुत देर तक पीछा करती रही।
हाँ, घर आते समय उसने बेटे के लिए सेना की नौकरी का फार्म ले लिया था।
" समय तो लगता ही है, पेपर बड़े साहब के पास गया है "।
" पिछली बार बड़े साहब ने कहा था कि आपको आने की जरुरत नहीं है, आपके पति देश के लिए शहीद हुए थे "।
" तो आपको सरकार पेंशन तो देगी ही न, लेकिन थोड़ा हम लोगों का भी ध्यान ?"
" ध्यान तो रखना ही है ", उसने जलती नज़र से बाबू को देखा और वापस चल दी। बाबू की हँसी उसका बहुत देर तक पीछा करती रही।
हाँ, घर आते समय उसने बेटे के लिए सेना की नौकरी का फार्म ले लिया था।
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