अचानक हुई बरसात ने सब कुछ अस्त व्यस्त कर दिया , टपकती हुई छत और बुझता हुआ चूल्हा , सब जैसे उसकी स्थिति का मज़ाक उड़ा रहे थे । महीने का आखिरी हफ्ता , ख़ाली जेब और बच्चों की बक़ाया फ़ीस , क्या करे ।
हर स्थिति में खुश रहना कहीं पढ़ा था उसने और अचानक बाहर नज़र पड़ी तो उसे यक़ीन भी हो गया । उस बरसात के पानी में नाव चलाते उसके बच्चे उसे हर स्थिति से लड़ने का हौसला दे रहे थे ।
हर स्थिति में खुश रहना कहीं पढ़ा था उसने और अचानक बाहर नज़र पड़ी तो उसे यक़ीन भी हो गया । उस बरसात के पानी में नाव चलाते उसके बच्चे उसे हर स्थिति से लड़ने का हौसला दे रहे थे ।
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