अचानक ट्रैफिक सिग्नल पर उसकी नज़र बगल वाली कार पर पड़ी| रूचि को पहचानते ही उसकी निगाह चमक गयी और चेहरे पर मुस्कराहट छा गयी| पढ़ाई के दिनों में साइकिल भी नहीं चला पाने वाली रूचि आज इस बेहद ट्रैफिक वाले एरिया में खुद कार ड्राइव कर रही है| अपना हाथ उठा कर उसने इशारा किया और फिर उस कार से भी हाथ उठा| अभी वो कुछ कहता कि सिग्नल हरा हो गया और कार आगे बढ़ गयी|
वो पिछली यादों में खो गया, एक साथ पढ़ते थे दोनों| लेकिन सामाजिक स्तर में काफी फ़र्क़ था और इसी वजह से वो कभी भी आगे नहीं बढ़ा| रूचि ने तो लगभग फैसला कर लिया था कि वो उसी से शादी करेगी| एक दिन उसने काफी पीते हुए कह भी दिया था इस बात को, सोचता तो वह भी था लेकिन उसे अपनी स्थिति पता थी|
" मैं तुमसे अलग होकर जीने की कल्पना भी नहीं कर सकती ", रूचि ने जब ये बात कही तो वो भीतर तक काँप गया|
" तुम जानती हो रूचि ये संभव नहीं है, इसलिए ये जिद छोड़ दो| सिर्फ एक बात का जवाब दो मुझे कि प्यार कमजोरी कैसे हो सकती है तुम्हारी, इसे अपनी ताकत बनाओ "|
आज कई सालों बाद उसने देखा था रूचि को और उसका प्यार की ताक़त पर यकीन और पुख्ता हो गया|
वो पिछली यादों में खो गया, एक साथ पढ़ते थे दोनों| लेकिन सामाजिक स्तर में काफी फ़र्क़ था और इसी वजह से वो कभी भी आगे नहीं बढ़ा| रूचि ने तो लगभग फैसला कर लिया था कि वो उसी से शादी करेगी| एक दिन उसने काफी पीते हुए कह भी दिया था इस बात को, सोचता तो वह भी था लेकिन उसे अपनी स्थिति पता थी|
" मैं तुमसे अलग होकर जीने की कल्पना भी नहीं कर सकती ", रूचि ने जब ये बात कही तो वो भीतर तक काँप गया|
" तुम जानती हो रूचि ये संभव नहीं है, इसलिए ये जिद छोड़ दो| सिर्फ एक बात का जवाब दो मुझे कि प्यार कमजोरी कैसे हो सकती है तुम्हारी, इसे अपनी ताकत बनाओ "|
आज कई सालों बाद उसने देखा था रूचि को और उसका प्यार की ताक़त पर यकीन और पुख्ता हो गया|
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