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Tuesday, January 7, 2014

बालिका शिक्षा

आज ही ये होना था , उसने सोचा और अपना झोला लेकर बस स्टैंड कि तरफ चल पड़ा | आज दूसरा दिन था और वह बमुस्किल ६५ रु ही कमा पाया था | कल रात में उसकी बेटी ने फिर फीस की बात याद दिलायी थी और उसने सोचा था कि आज किसी तरह उसे १५० रु कमाना ही है ताकी वह अपनी बेटी की फीस जमा कर सके | 
अभी उसे अपनी दुकान लगाये कुछ ही घंटे हुए थे की सामने से नगरपालिका वाले आये और सबसे स्कूल के सामने वाला फुटपाथ खाली कराने लगे | पूछने पर बताया की प्रदेश के शिक्षा मंत्री बालिका शिक्षा की किसी योजना का शुभारम्भ करने आ रहे है | अब उसे ये समझ में नहीं आ रहा था की यह कैसी बालिका शिक्षा की योजना है जिसके चलते उसकी बेटी की शिक्षा पूरी नहीं हो पा रही है |
विनय

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