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Tuesday, January 7, 2014

मज़बूरी

मज़बूरी __
तुम अंतिम शख्श होगे जिसे मैं भूल पाऊँगी | हमारी शादी नहीं हो पायी तो क्या , हम जिंदगी भर एक दूसरे का साथ निभाएंगे | आज के बाद तुम मुझे फ़ोन मत करना | लेकिन तुम मेरे ख्वाबों में और मेरी सोच में हमेशा मेरे आस पास रहोगे | वो पल जो तुमने मुझे दिए हैं वो मेरी सबसे कीमती धरोहर रहेंगे | तुम साथ होते हो तो ये दुनिया कितनी खूबसूरत हो जाती है | फिर भी मेरी मज़बूरी समझने की कोशिश करो , आज मुझे देखने के लिए लड़के वाले आ रहे हैं |
एक दिन पहले कहे गए शालिनी के ये शब्द अब उसका मजाक उड़ाते से लग रहे थे , क्योंकि आज सुबह उसने देखा की उसके फेसबुक प्रोफाइल से भी वो अनफ्रेंड कर दिया गया था | ये सचमुच कोई मज़बूरी थी या उसका सोचा समझा फैसला , समझ पाना मुस्किल था |
विनय

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