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Tuesday, January 7, 2014

शिक्षा

अबे तू यहाँ सोने के लिए आता है कि काम करने के लिए , ढाबे के मालिक ने एक थप्पड़ कस कर पप्पू को लगाया | पप्पू , जो कि सिर्फ ८ साल का था , बड़ी मुस्किल से अपनी आँखों को रात के ११ बजे खोलने कि कोशिश कर रहा था | स्कूल क्या होता है , पप्पू को नहीं पता , क्योंकि जब से वह बड़ा (?) हुआ है , तबसे वह इसी ढाबे पर काम कर रहा है | 
रोते हुए उसने अपने आप को खड़ा किया और लड़खड़ाते हुए प्लेट को टेबल से उठाने लगा | ढाबे के टेलीविज़न पर एक सरकारी कार्यक्रम का प्रचार चल रहा था " पढ़ेगा इंडिया , तभी बढ़ेगा इंडिया "
विनय

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