पूरी क्लास में सन्नाटा छा गया , किसी ने ये उम्मीद नहीं की थी कि वनिता ऐसा चित्र बनाएगी । कला की कक्षा में सभी छात्रों को उनके सपने को चित्र में उतार कर लाने के लिए कहा गया था और सबने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की थी उसे साकार करने की ।
पर बैसाखी के सहारे चलने वाली लड़की आसमान छूने की ख़्वाहिश रखती है , किसी ने ख्वाबों में भी नहीं सोचा था ।
पर बैसाखी के सहारे चलने वाली लड़की आसमान छूने की ख़्वाहिश रखती है , किसी ने ख्वाबों में भी नहीं सोचा था ।
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