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Wednesday, June 3, 2015

नफ़ा नुक़्सान--

" तो क्या हुआ अगर वो केमिकल इसमें मानक से ज्यादा है , सैंपल तो पास हो ही गया है । समाजसेवा का काम नहीं कर रहे हैं हम लोग , बस अब बाजार को पाट दो इससे । सभी माध्यमों से धुआँधार प्रचार करो और लोगों की जरुरत बना दो इसे "।
अगले तीन महीनों में बाज़ार पटा पड़ा था , बच्चे तो कुछ ज्यादा ही पसंद कर रहे थे । एक दो अख़बारों में , एकाध न्यूज़ चैनल में भी खबर आई उसके नुक्सान के बारे में , लेकिन फिर सब दब गयी ।
धंधा बदस्तूर चल रहा था , मुनाफ़ा भी जम के हो रहा था ।
लेकिन उसके बच्चे के पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उसके शरीर में उसी केमिकल की मात्रा ज्यादा थी ।

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