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Monday, June 22, 2015

समझौते--

" सॉरी सर , आज फिर लेट हूँ , कल से पूरी कोशिश करुँगी समय से आने की ", कहते हुए भाग कर वो अपनी केबिन में बैठ गयी |
" क्या बात है , उदास लग रही हो | सब खैरियत तो है न ?, लंच में उसकी कलीग रीना ने पूछा तो उसने गहरी साँस ली |
" यार मेरा प्रमोशन तो हो गया पर पतिदेव का नहीं हुआ | अब रोज़ सुबह घर के किसी भी काम में मदद करना तो दूर , उलटे परेशानी जरूर खड़ी करते हैं | समझती सब हूँ लेकिन कहती नहीं , सज़ा तो मुझे ही भुगतनी है उससे आगे निकल जाने की "|  

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