" देखो श्यामू , ये सब गिफ्ट जिनके नाम लिखे हैं , उनके घर पर पहुँचा देना । तुम तो सबको जानते ही हो , और हाँ , एक बात का विशेष ख्याल रहे , कोई गड़बड़ नहीं होनी चाहिए ", साहब ने गिफ्ट्स और लिस्ट दोनों उसे पकड़ाया और केबिन में चले गए । कई लोग उनका इंतज़ार कर रहे थे , सबके हाथ में कोई ना कोई गिफ्ट था जो उनकी हैसियत और पड़ने वाले काम के हिसाब से था ।
श्यामू ने एक नज़र तोहफ़ों पर डाली और रिक्शे पर डालकर चल दिया । इतने शानदार गिफ्ट्स , काश वो भी एक ले सकता , उसने एक ठंडी साँस ली । चलते चलते वो सोचने लगा कि ये नए साहब अच्छे हैं , कम से कम उसे इस लायक तो समझते हैं , पुराने वाले तो तोहफ़ों के पास भी नहीं फटकने देते थे । काफी देर हो गयी थी बांटते हुए और उसका घर भी पास आ गया था तो उसने सोचा कि बाकी तोहफ़े कल बाँट देगा और घर आ गया ।
उसके बेटे ने गिफ्ट देखते ही उसे खोल दिया , उसे लगा कि शायद अपने लिए ही है । अभी वो उसे पूरा देख भी पाता कि एक जोरदार थप्पड़ खाकर वो नीचे गिर गया । रोते हुए वो तो वहाँ से भाग ही गया , लेकिन श्यामू भी तोहफ़े को वापस पैक करते हुए अपनी बेबसी पर रो पड़ा । दूसरी तरफ साहब के घर में उनकी पत्नी और बच्चों ने कई गिफ्ट बेकार कहकर फेंक दिया था ।
श्यामू ने एक नज़र तोहफ़ों पर डाली और रिक्शे पर डालकर चल दिया । इतने शानदार गिफ्ट्स , काश वो भी एक ले सकता , उसने एक ठंडी साँस ली । चलते चलते वो सोचने लगा कि ये नए साहब अच्छे हैं , कम से कम उसे इस लायक तो समझते हैं , पुराने वाले तो तोहफ़ों के पास भी नहीं फटकने देते थे । काफी देर हो गयी थी बांटते हुए और उसका घर भी पास आ गया था तो उसने सोचा कि बाकी तोहफ़े कल बाँट देगा और घर आ गया ।
उसके बेटे ने गिफ्ट देखते ही उसे खोल दिया , उसे लगा कि शायद अपने लिए ही है । अभी वो उसे पूरा देख भी पाता कि एक जोरदार थप्पड़ खाकर वो नीचे गिर गया । रोते हुए वो तो वहाँ से भाग ही गया , लेकिन श्यामू भी तोहफ़े को वापस पैक करते हुए अपनी बेबसी पर रो पड़ा । दूसरी तरफ साहब के घर में उनकी पत्नी और बच्चों ने कई गिफ्ट बेकार कहकर फेंक दिया था ।
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