ख़बर जंगल की आग की तरह फ़ैल गयी और कुछ ही देर में लोगों की भीड़ जुट गयी। कुछ घटनाओँ के चलते कुछ दिनों से माहौल तनावपूर्ण चल रहा था। लोग क़यास लगा रहे थे, कोई इस धर्म का बताता, कोई उस धर्म का। सड़क के किनारे बेहोश पड़े उस आदमी के बदन से खून बहकर सूख चला था लेकिन किसी को इसकी परवाह नहीं थी कि उसे उठाकर हस्पताल पहुँचाये।
" ये हमारे मज़हब पर हो रहे हमले का ताज़ा उदाहरण है, हम चुप नहीं बैठेंगे ", एक नेतानुमा सज्जन ने माहौल का रुख भाँप कर तीर चलाया।
" नहीं, ये उस धर्म के लोगों का काम है और उन्होंने अपनी आदत के अनुसार ये कायराना हरक़त की है", दूसरे सज्जन की आवाज़ थोड़ी और तेज थी।
थोड़ी देर में ही आवाज़ें शोर में और फिर ललकार में बदल गयीं। उस घायल को होश आ गया था लेकिन उसकी पानी पिलाने की विनती को सुनने वाला किसी भी मज़हब का इंसान वहाँ नहीं था।
" ये हमारे मज़हब पर हो रहे हमले का ताज़ा उदाहरण है, हम चुप नहीं बैठेंगे ", एक नेतानुमा सज्जन ने माहौल का रुख भाँप कर तीर चलाया।
" नहीं, ये उस धर्म के लोगों का काम है और उन्होंने अपनी आदत के अनुसार ये कायराना हरक़त की है", दूसरे सज्जन की आवाज़ थोड़ी और तेज थी।
थोड़ी देर में ही आवाज़ें शोर में और फिर ललकार में बदल गयीं। उस घायल को होश आ गया था लेकिन उसकी पानी पिलाने की विनती को सुनने वाला किसी भी मज़हब का इंसान वहाँ नहीं था।
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