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Thursday, December 10, 2015

खबर--

आज गाँव में जबरदस्त गहमा गहमी थी , तमाम नेता और मंत्री आ जा रहे थे | कल रात हुए पुलिस फायरिंग में इस गाँव के एक अल्पसंख्यक की मौत हो गयी थी और उसके घर संवेदना व्यक्त करने और आर्थिक मदद करने लोगों का हुजूम चला आ रहा था | पुलिस अत्याचार के खिलाफ भी जगह जगह मोर्चा निकालने की तैयारी चल रही थी | सभी स्थानीय समाचार पत्रों और न्यूज़ चैनल में इस खबर को प्रमुखता से दिखाया गया था |
इस गाँव से निकलती गाड़ियाँ कुछ ही किलोमीटर दूर के दूसरे गाँव से होकर निकल रही थीं जहाँ का एक अर्ध सैनिक बल का नौजवान भी कुछ हफ़्तों पहले बारूदी सुरंग के विस्फोट में शहीद हो गया था | कल उस शहीद की माँ ने विभाग से मिले धन से अपने गाँव के बच्चों को पढ़ाने के लिए एक विद्यालय की नींव डाली थी | किसी एक समाचार पत्र के एक कोने में ये भी एक छोटी सी खबर थी |

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