उसे अभी भी भरोसा नहीं हो रहा था , उसके सामने बैठी औरत वही थी , जिसे उसने फिल्मों में देखा हुआ था | एक समय था जब उसने हिट फिल्मे दी थीं , लेकिन आज उस पांच सितारा होटल की रेड में ये भी गिरफ्तार हुई थी | पुलिस स्टेशन लाकर उसने उसे बैठने के लिए कहा और पूछा " तुम्हारे इस पेशे में आने की वजह "?
थोड़ा रुक कर उसने जवाब दिया " सफलता से बड़ा कोई और नशा नहीं होता और जब ये नशा उतरता है तो इंसान सही और गलत में फ़र्क़ करना भूल जाता है | लोग अनदेखा करने लगें , बर्दाश्त नहीं होता | कहाँ आगे पीछे घूमती भीड़ और कहाँ अकेलापन , फिर इंसान दूसरे नशों में डूबने लगता है | और जिस जीवनशैली की आदत पड़ चुकी होती है उसे पूरा करने के लिए वो किसी भी हद तक चला जाता है" |
किसी भी पश्चात्ताप के निशान नहीं थे उसके चेहरे पर |
थोड़ा रुक कर उसने जवाब दिया " सफलता से बड़ा कोई और नशा नहीं होता और जब ये नशा उतरता है तो इंसान सही और गलत में फ़र्क़ करना भूल जाता है | लोग अनदेखा करने लगें , बर्दाश्त नहीं होता | कहाँ आगे पीछे घूमती भीड़ और कहाँ अकेलापन , फिर इंसान दूसरे नशों में डूबने लगता है | और जिस जीवनशैली की आदत पड़ चुकी होती है उसे पूरा करने के लिए वो किसी भी हद तक चला जाता है" |
किसी भी पश्चात्ताप के निशान नहीं थे उसके चेहरे पर |
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