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Saturday, April 19, 2014

विरोधाभास

आज का पेपर कैसा हुआ यार , श्याम ने पूछा तो मैंने कहा 'कल तो बहुत डर लग रहा था लेकिन बढ़िया हुआ , अब अगले पेपर की तैय्यारी करनी है "| 
शाम को टहलने निकले तो सबने कहा कि चलो मंदिर हो लेते हैं | लेकिन मैंने मना कर दिया कि मैं मंदिर नहीं जाउंगा , मैं इन सब बातों में यकीं नहीं करता |
लेकिन अगले दिन एग्जाम के लिए जाते समय कल वाली टीशर्ट ही पहन ली | न जाने क्यूँ पर कही न कही ये लग रहा था कि कल वाली टीशर्ट तो लकी थी , वर्ना पहले दिन तो शर्ट पहनी थी और उस दिन पेपर बहुत ख़राब हुआ था |

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