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Saturday, April 19, 2014

सपने--

किसी का असमय चले जाना बहुत पीड़ादायक होता है | कितने खुश थे वो अपनी जिंदगी में | वो दोनों और उनका एकलौता बेटा | ग्रेजुएशन के आखिरी साल में था वो , पढ़ने में भी काफी जहीन था | बेहद खुशदिल ,हमेशा कहता था , कभी आप लोगों से दूर नहीं जाउंगा | लेकिन उस रात अचानक सीने में दर्द उठा और कुछ भी नहीं कर पाये दोनों | चला गया इतनी दूर जहाँ से कोई भी वापस नहीं आता |
पत्नी तो जैसे पागल ही हो गयी थी ,लेकिन उसने अपने आप को सम्भाला | जिंदगी तो नहीं रुक जाती किसी के जाने से , पर अब उसे जीने का मकसद ही नहीं दिख रहा था | फिर उसे याद आयी अपने गांव की जहा पर कोई ढंग का अस्पताल नहीं था | 
और आज अपने गांव में अस्पताल की नींव डालते समय उसे महसूस हुआ कि जैसे उसे जीने का मकसद मिल गया है | शायद अब किसी और सपने को असमय टूट जाने से बचा पाये | 

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