स्कूल में बड़ी चहल पहल थी, लाउड स्पीकर लगा था और स्कूल के सामने एक बड़ा सा झंडा भी लटका हुआ था| बुधिया सोचने लगी कि आज क्या बात है, वैसे तो स्कूल में कम बच्चे ही दिखते हैं लेकिन आज तो पूरा गाँव उमड़ पड़ा है|
तब तक उसका बेटा बोला कि मैं भी जाऊंगा आज स्कूल| वो सोच में पड़ गयी, भेजें कि नहीं, वैसे तो स्कूल जाता नहीं, लेकिन फिर उसने सोचा भेज देते हैं आज|
" ठीक है बेटा, चला जा स्कूल, लेकिन जल्दी वापस आना, लाला के खेत पर भी जाना है"|
कुछ समय के बाद बेटा लौटा, उसके हाथ में लड्डू था और चेहरा खिला हुआ था| दूर से ही चिल्लाते हुए बोला " माँ, मैंने लड्डू खाए और तुम्हारे लिए भी ले आया, मैं अब रोज़ स्कूल जाऊंगा "|
" लेकिन बेटा, रोज़ लड्डू नहीं मिलते वहां, लेकिन रोटी तो रोज खानी है ना ", बुधिया ने लड्डू कटोरी में रखा और बेटे को लेकर खेतों की ओर चल दी|
तब तक उसका बेटा बोला कि मैं भी जाऊंगा आज स्कूल| वो सोच में पड़ गयी, भेजें कि नहीं, वैसे तो स्कूल जाता नहीं, लेकिन फिर उसने सोचा भेज देते हैं आज|
" ठीक है बेटा, चला जा स्कूल, लेकिन जल्दी वापस आना, लाला के खेत पर भी जाना है"|
कुछ समय के बाद बेटा लौटा, उसके हाथ में लड्डू था और चेहरा खिला हुआ था| दूर से ही चिल्लाते हुए बोला " माँ, मैंने लड्डू खाए और तुम्हारे लिए भी ले आया, मैं अब रोज़ स्कूल जाऊंगा "|
" लेकिन बेटा, रोज़ लड्डू नहीं मिलते वहां, लेकिन रोटी तो रोज खानी है ना ", बुधिया ने लड्डू कटोरी में रखा और बेटे को लेकर खेतों की ओर चल दी|
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